उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेला पुलिस ने नेपाल की एक घटना को महाकुंभ का बताकर अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। ब्रजेश कुमार प्रजापति नामक एक व्यक्ति ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर नेपाल में हुई एक घटना का वीडियो पोस्ट किया और इसे "प्रयागराज महाकुंभ" का वीडियो बताकर अफवाह के रूप में फैलाया।
पुलिस ने 7 अकाउंट के खिलाफ दर्ज की FIR
इस वीडियो की जांच करने पर यह स्पष्ट हुआ कि यह घटना नेपाल में हुई थी, न कि महाकुंभ मेला में। इस वीडियो की सच्चाई का खुलासा महाकुंभ मेला पुलिस ने किया और सोशल मीडिया पर झूठी जानकारी फैलाने के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने ब्रजेश कुमार प्रजापति सहित 7 एक्स (ट्विटर) अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी फैली अफवाह
इसके अलावा, एक और वीडियो इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट किया गया था, इस वीडियो का भी महाकुंभ मेला पुलिस ने खंडन किया और इसे भ्रामक जानकारी करार दिया। पुलिस ने इस इंस्टाग्राम अकाउंट के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस की अपील - भ्रामक जानकारी से बचें
महाकुंभ मेला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर कोई भी भ्रामक पोस्ट न करें और किसी भी घटना के बारे में पोस्ट करने से पहले उसके तथ्यों की जांच कर लें। पुलिस ने यह भी कहा है कि इस तरह की अफवाहों के जरिए प्रदेश की छवि को खराब किया जा रहा है और समाज में विद्वेष फैलाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने इन सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।