मेरठ के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने शिकायतों की सुनवाई और जनता की आवाज दबाने वाले पुलिसवालों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। डीआईजी ने मेरठ में सीओ कोतवाली, लोहिया नगर थाना इंचार्ज सहित एसओ और चौकी प्रभारी के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। डीआईजी ने इनके खिलाफ काम में लापरवाही बरतने पर प्रारंभिक जांच का आदेश दिया है।
आपको बता दे थाना भावनपुर के जयभीम नगर में 200 रुपए के लिए होशियार सिंह वाल्मीकि पर हमला किया गया था। हमले के 18 दिन बाद होशियार सिंह ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। होशियार सिंह के पिता बेटे की दयनीय हालत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए। बेटे की मौत से 7 दिन पहले होशियार सिंह के पिता का देहांत हो गया।
जानलेवा हमले की बजाय मारपीट में लिख दी रिपोर्ट
इस पूरे मामले में थाना पुलिस ने पूरी लापरवाही बरती और रिपोर्ट लिखने में 10 दिन लगा दिया। साथ ही जानलेवा हमले की बजाय पुलिस ने मारपीट और जान से मारने की धमकी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर दी। इतना ही नहीं अब तक थाना पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है। इन सभी आरोपों के आधार पर डीआईजी ने चौकी प्रभारी और एसओ के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं।
इसी तरह हापुड़ जिले के थाना गढ़मुक्तेश्वर में एक मुकदमा दर्ज है। इस मुकदमे के आरोपी साजिद को पुलिस ने अरेस्ट किया है। साजिद पुत्र फरीद पड़पड़गंज समशपुर दिल्ली का रहने वाला है। साजिद ने पुलिस पूछताछ में बताया वो मेरठ में अपने साथियों के साथ मिलकर बाइक चोरी का गैंग चलाता है। लोहियानगर थाना क्षेत्र में वो अपने वाहन चोरों के गैंग के साथ बाइक काटने का काम करता है। खुलेआम हो रहे वाहन कटान के खिलाफ थाना पुलिस ने अब तक कोई एक्शन क्यों नहीं लिया। इस पूरे मामले में डीआईजी ने संबंधित बीट आरक्षी, हल्का प्रभारी, लोहियानगर थाना इंचार्ज और सीओ कोतवाली के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।
मेरठ में 8 जनवरी को सोहेल गार्डन लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में हुई 5 हत्याओं के मामले में पुलिस ने आरोपी तस्लीम को न्यायिक हिरासत से जेल भेज दिया है। वहीं मृतक मोइन के छोटे भाई की पत्नी नजराना को पुलिस ने छोड़ दिया है। पुलिस जांच में नजराना की भूमिका संदिग्ध नहीं मिली इसलिए पुलिस ने उसे क्लीनचिट दे दी है।
बता दें कि 9 जनवरी को जिस दिन हत्याकांड सामने आया उसी दिन से पुलिस ने नजराना और तसलीम को हिरासत में लिया था। वहीं पुलिस हत्याकांड के मुख्य आरोपी नईम बाबा को एनकाउंटर में ढेर कर चुका है। उसका गोद लिया बेटा सलमान भी पुलिस की गोली से घायल हुआ है। उसके पैर में गोली लगी है। वो जेल में है। अब तसलीम भी जेल गया।
जहां लिसाड़ी गेट के सुहेल गार्डन में परिवार के पांच लोगों की हत्या में नामजद तसलीम को पुलिस ने 20 दिन बाद आरोपी जेल भेज दिया गया। आरोपी पर सौतेले भाई मोईन, भाभी आसमा और उनकी तीन बेटियां की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। जबकि मोईन के छोटे भाई अमजद की पत्नी नजराना को पुलिस ने क्लीन चिट देकर छोड़ दिया है।
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के सुहेल गार्डन में आठ जनवरी की रात को राजमिस्त्री मोईन, उनकी पत्नी आसमा और तीन बेटियां अक्शा (8), अजीजा (4) और अलईफ्शा (1) की हत्या हुई थी। नौ जनवरी की रात पांचों के शव मिले थे। आसमा के हापुड़ निवासी भाई आमीर अहमद की ओर से मोईन के सौतेले दो भाई नईम, तसलीम व भाभी नजराना को नामजद और अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
वहीं पूरे मामले में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि तसलीम पांच हत्याओं की साजिश रचने वाला था। बुधवार दोपहर दो बजे तसलीम को कांच के पुल के पास से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच के दौरान नजराना की हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं मिली, जिस कारण उसे छोड़ दिया गया है।