Breaking News

मिडिल‑ईस्ट युद्ध से खाना और दवा सहायता पहुंचना हुआ मुश्किल: Aid समूह की चेतावनी     |   UAE में ईरान का हमला: एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट किए मिसाइल-ड्रोन, सुरक्षा अलर्ट जारी     |   ईरान के दक्षिणी इलाकों पर हमले! 6 बच्चों की मौत, 17 घायल     |   UAE में मिसाइल धमकी, अधिकारियों ने लोगों को किया अलर्ट     |   बिहार: नालंदा में NIA की बड़ी कार्रवाई, 10 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन जारी     |  

चार की जगह दो स्लैब, GST परिषद ने दी बड़े बदलाव को मंजूरी, 22 सितंबर से होंगे प्रभावी

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद ने वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था यानी जीएसटी में ऐतिहासिक बदलाव को मंजूरी दे दी है। जीएसटी की मौजूदा चार स्लैब पांच, 12, 18 और 28 फीसदी को केवल दो स्लैब पांच और 18 फीसदी में बदल दिया गया है। इसके साथ ही परिषद ने विलासिता से जुड़े सामानों पर 40 फीसदी का स्लैब रखा है। जीएसटी में हुए ये बदलाव 22 सितंबर यानी नवरात्रि के पहले दिन से प्रभावी होंगे।

इन सुधारों से घरों के बजट पर पड़ने वाले बोझ से राहत मिलेगी। रोटी, पराठा, पनीर, खाखरा और दूध अब टैक्स से मुक्त होंगे। मक्खन, घी, सूखे मेवे, बिस्कुट, कॉर्नफ्लेक्स और जूस पर पांच फीसदी टैक्स लगेगा। इसके अलावा साबुन, शैंपू और टूथपेस्ट जैसे टॉयलेटरीज़ की कीमतें 18 फीसदी से घटकर पांच फीसदी के दायरे में लाई गई है। यहां तक ​​कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा के प्रीमियम पर भी अब शून्य जीएसटी लगेगा। पहले इन पर 18 फीसदी टैक्स लगा करता था।

सीमेंट पर अब 28 से घटाकर 18 फीसदी टैक्स लगेगा। 350 सीसी तक की छोटी कारों और मोटरसाइकिलों पर भी 18 फीसदी टैक्स लगेगा। टीवी, एसी और डिशवॉशर पर भी 18 फीसदी टैक्स लगेगा। हालांकि, लक्जरी कारें, हाई-एंड बाइक, विमान, नौका, सॉफ्ट ड्रिंक और ऑनलाइन गेमिंग नए 40 फीसदी के स्लैब में आएंगे। ईवी पर पांच फीसदी की छूट बनी हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन सुधारों से आम आदमी, एमएसएमई, किसानों, महिलाओं और युवाओं को फायदा होगा, साथ ही छोटे व्यापारियों के लिए व्यापार करने में आसानी होगी।