T20 WC: अभिषेक शर्मा आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में लगातार तीन मैच में शून्य पर आउट हुए हैं। इसके बावजूद, सुपर 8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवेन में उनका नाम है। इस फैसले के पीछे मजबूत तर्क हैं।
सबसे पहले उन्हें संजू सैमसन से बदलने से भारत की शीर्ष क्रम की समस्या का समाधान नहीं हो सकता। हाल में अंतरराष्ट्रीय मैचों में सैमसन के प्रदर्शन में निरंतरता की भारी कमी रही है। लिहाजा अचानक बदलाव करना एक सिद्ध मैच-विनर पर भरोसा करने के मुकाबले ज्यादा जोखिम भरा दांव है। टूर्नामेंट का दबाव अक्सर अस्थिरता को बढ़ाता है और अमूमन टीम प्रबंधन तात्कालिक बदलावों के बजाय निरंतरता को प्राथमिकता देता है।
दूसरा अभिषेक शर्मा को बाहर करना तकनीकी खामी नहीं, बल्कि दुर्भाग्यपूर्ण शुरुआत का संकेत होगा। नीदरलैंड के साथ मैच में स्पिनर आर्यन दत्त ने उन्हें बोल्ड किया था। इससे पता चलता है कि उनकी नाकामी की वजह खराब फॉर्म नहीं, बल्कि मामूली अंतर से आउट होना रहा है।
तीसरा, उनके आउट होने का कोई निश्चित पैटर्न नहीं है। जानकारों का कहना है कि प्रदर्शन में ये गिरावट अचानक आई है, जो उनके पहले के प्रदर्शन से विपरीत है। इससे पता चलता है कि ये अस्थायी गिरावट है, न कि कोई गहरी कमजोरी। टी20 क्रिकेट में जोखिम भरे शॉट खेलना बेहद जरूरी हैं। दिग्गज खिलाड़ियों में भी उतार-चढ़ाव आम बात है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि अभिषेक शर्मा अब भी लगभग 900 रेटिंग अंकों के साथ दुनिया के नंबर वन टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज हैं। हाल की नाकामियों के बावजूद, पिछली कई श्रृंखलाओं में लगातार शानदार प्रदर्शन की वजह से उन्होंने अपनी जगह सबसे ऊपर बनाए रखी है। सिर्फ 2025 के सीजन में ही उन्होंने 193.46 के शानदार स्ट्राइक रेट से 859 रन बनाए हैं।
भारतीय क्रिकेट के जानकार मानते हैं कि अभिषेक शर्मा जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी का फॉर्म में वापस आना मिनटों में मैच का रुख बदल सकता है।