Breaking News

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन बोले - पीएम मोदी के जन्मदिन पर देशभर में संकल्प अभियान चलाया जाएगा     |   दिल्ली के ओखला फेज-1 में सिलेंडर ब्लास्ट, मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियां     |   गांधीनगर: आज से गुजरात विधानसभा का तीन दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू     |   जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी ने बॉम्बे हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश की शपथ ली     |   नेपाल में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 1,365 पहुंचा, 5,326 लोग अब भी लापता     |  

उत्तराखंड में बारिश का कहर, मलबे से गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद, ऋषिकेश में गंगा चेतावनी स्तर के पार

उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है। इसी बीच उत्तराखंड के कई इलाकों में शुक्रवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई। राज्य सरकार की सुबह 5:30 बजे की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले की तेजम तहसील में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि राज्य के बाकी जिलों में बादल छाए रहे। उत्तरकाशी जिले में मलबा आने के कारण NH-34 गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग हेलगुगाड, नालूपानी और गंगनानी के पास बंद हो गया। सड़क से मलबा हटाने का काम जारी है।

वहीं, NH-134 यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी दुर्बिल और स्यानाचट्टी के पास मलबा आने से बंद है। यहां भी सड़क खोलने का काम किया जा रहा है।हालांकि, बद्रीनाथ और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग खुले हुए हैं और इन मार्गों पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। राज्य सरकार के मुताबिक, ताजा अपडेट तक किसी भी जिले से बारिश या आपदा से जुड़ी किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली है।

इससे पहले गुरुवार को पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर ऋषिकेश में भी देखने को मिला। यहां त्रिवेणी घाट पर गंगा नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बहने लगी। इसके बाद प्रशासन ने नदी किनारे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जागरूक करने का अभियान तेज कर दिया।केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और नदी का बहाव काफी तेज है। इसे देखते हुए SDRF, जल पुलिस और आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों ने त्रिवेणी घाट, मुनि की रेती और लक्ष्मण झूला क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया।

टीमों ने लाउडस्पीकर के जरिए श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और पर्यटकों से घाट खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। साथ ही लोगों को नदी में उतरने से भी सख्ती से मना किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और नदी का तेज बहाव बेहद खतरनाक हो सकता है।