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बाराबंकी में भीषण बाढ़ और जलभराव से जीवन अस्त व्यस्त, रेस्क्यू जारी

बाराबंकी शहर में आई बाढ़ और भीषण जलभराव से लगातार तीसरे दिन भी लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका क्षेत्र की करीब डेढ़ लाख आबादी जलभराव का समस्या से जूझ रही है। सैकड़ों परिवार सड़क किनारे और दुकान के बरामदे में आश्रय लिए हुए हैं। एनडीआरएफ द्वारा रातभर रेस्क्यू किया गया जो बुधवार को भी जारी है। दर्जनों मकान ऐसे हैं जिनमें लोग पिछले दो दिन से कैद हैं और पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। 

शहर से गुजरे जमुरिया नाले का जलस्तर कुछ कम हुआ है। छाया चौराहे समेत कुछ सड़कों से पानी कम हुआ है मगर मोहल्लों में अभी भी जलभराव है। छाया, घोसियाना, राजकमल रोड, पीरबटावन, सत्यप्रेमी नगर आदि की बाजारों में सैकड़ों दुकानों के अंदर पानी भरा होने के कारण कारोबार नहीं शुरू हुआ है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि पानी घटे तो अपनी डूबी हुई गृहस्थी और दुकान का हाल लें।

शहर से गुजरे लखनऊ अयोध्या हाईवे पर अभी भी यातायात बंद रखा गया है। पटेल तिराहे के पास स्थित जमुरिया नल का पुल भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। कमरिया बाग का पुल पानी में डूबने के बाद असुरक्षित हो गया है इसलिए यातायात बंद कर दिया गया है।

शहर के कमरिया बाग, अभयनगर, हड्डीगंज, कमल विहार, श्रीनगर, कोठीडीह, उज्जवल नगर, वृंदावन कॉलोनी, कार्तिक विहार कॉलोनी, दशहरा बाग खलारिया में अभी भीषण जल भराव है। लोग कमर तक पानी से गुजर रहे हैं। वहीं, विकास भवन जाने वाली रोड भी डूबी हुई है। एसडीएम विजय कुमार त्रिवेदी ने बताया कि नावों द्वारा लगातार रेस्क्यू किया जा रहा है।

आवास विकास की जल निगम कॉलोनी में रहने वाली एसडीएम प्रीति और उनके नवजात को रेस्क्यू कर ट्रैक्टर ट्राली से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। वहीं विभिन्न संगठन सभासद व जनप्रतिनिधियों द्वारा शहर में प्रभावित लोगों को रात का खाना वितरित किया गया। 

प्रशासन ने पायनियर इंटर कॉलेज और रामसेवक इंटर कॉलेज में आश्रय स्थल बनकर भोजन की व्यवस्था की है। राहत कार्य जारी है।